जब मैदान पर इन भारतीयों खिलाड़ियों ने खोया आपा

क्रिकेट में मैदान में हमें खिलाड़ियों के हर प्रकार के भाव देखने को मिलते हैं। जब खिलाड़ी जीतते हैं तो वो खुश होते हैं, हार में निराश तो वहीं कुछ लम्हें ऐसे भी आते हैं जब ये खिलाड़ी अपना आपा खो देते हैं और गुस्से में आग-बबूला हो जाते हैं। कहते हैं कोई इंसान ऐसा नहीं बना जिसे गुस्सा न आए। तो ये खिलाड़ी भी तो भला इंसान ही हैं। यूॅ तो भारतीय खिलाड़ियों को मैदान में काफी कम गुस्सा करते हुए देखा जाता है। लेकिन क्रिकेट के मैदान में कुछ किस्से ऐसे भी सामने आए जब भारतीय खिलाड़ियों को भी अपना आपा खोते हुए पाया गया। हम बात यहां उन पॉच भारतीय खिलाड़ियों की कर रहे हैं जो मैदान पर जल्दी अपना आपा खो देते हैं जिससे उनका गुस्सा काबू में नहीं रह पाता।


बात अगर गुस्से की करे तो भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे नाम गौतम गंभीर का आएगा। मैदान में इनका बल्ला तो खूब चलता है लेकिन इसके साथ ही ऐसी कई घटनाएं हुई जब दिल्ली के इस सलामी बल्लेबाज ने मैदान पर अपना आपा खोया। शांत स्वभाव के दिखने वाले गंभीर को इस रूप में देखकर उनके प्रशंसकों के मन में एक ही सवाल उठता है कि आखिर उन्हें इतना गुस्सा क्यों आता है? अब गंभीर के कोटला मैदान में रणजी मैच के दौरान मनोज तिवारी के साथ झगड़े के किस्से को ही ले लीजिए।


उस मैच के दौरान दिल्ली की कप्तानी कर रहे गंभीर और बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी के बीच झगड़ा इस कदर बढ़ा कि मार-पीट तक की नौबत आ गई। गंभीर तिवारी पर घूंसा तानकर हमले के लिए आगे बढ़े लेकिन अंपायर ने उन्हें रोक लिया। लेकिन गंभीर इतने गुस्से में थे कि उन्होंन अंपायर को भी धक्का दे दिया। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निश्चित तौर पर यह चौंकाने वाली घटना है, जिससे क्रिकेट की जेंटलमैन छवि को गहरा धक्का लगा।


विपक्षी टीम के खिलाड़ियों से गंभीर की भिड़त की बात करें तो उनकी सबसे चर्चित लड़ाई 2007 में कानपुर वनडे के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी शाहिद अफरीदी के साथ हुई थी। एक-दूसरे पर गालियों की बौछार करने के अलावा गंभीर रन लेते हुए शाहिद अफरीदी से टकरा भी गए थे जिसके बाद गुस्से में एकदूसरे की तरफ बढ़ रहे इन दोनों खिलाड़ियों को अंपायरों ने अलग किया था। इसके बाद 2010 में एशिया कप के एक मैच के दौरान गंभीर पाकिस्तान के विकेटकीपर कामरान अकमल से भी भिड़ गए थे। 2013 के आईपीएल में तो वह टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली से भी भिड़ चुके हैं और दोनों के बीच इतनी गर्मागर्म बहस हुई थी कि गावस्कर तक ने इसे शर्मनाक करार दिया था।


गौतम गंभीर के बाद तेज गेंदबाज एस श्रीसंत भी मैदान पर कई दफा अपना आपा खोते हुए पाए गए। साल 2008 आईपीएल के श्रीसंत और हरभजन के थप्पड़ कांड को भला कौन भूल सकता है। इसके अलावा भी श्रीसंत मैदान में विरोधी टीम के खिलाड़ियों पर ज्यादा आक्रोश और बतौर खिलाड़ी सीमाएं लांघनते हुए पाए गए जिसके लिए उन पर समय-समय पर जुर्माने भी लगाए गए। अब वो दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज आंद्रे नेल की गेंद पर छक्का जड़कर मैदान पर डांस करने वाले किस्से को ही ले लीजिए उसे भला कौन भूल सकता है।


श्रीसंत के बाद एक और भारतीय तेज गेंदबाज की बात करते हैं जिन्हें गुस्सा आते देर नहीं लगती। जी हॉ, हम बात कर रहे हैं इशांत शर्मा की। हाल ही में पिछले कुछ सालों में ये गेंदबाज विरोधी टीम के कई खिलाड़ियों से मैदान पर उलझता हुआ दिखाई दिया। पिछले साल श्रीलंका दौरे पर उनकी धमिका प्रसाद से भिड़त तो आपको याद ही होगी। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच विवाद पूरे मैच में किसी ड्रामे की तरह चलता रहा और ईशांत के इस झगड़े को लेकर बड़ा बवाल मचा। यह पहला मौका नहीं था जब ईशांत विवादों में आए हों, बल्कि इसके पहले भी ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान ईशांत ने विवादों को खूब हवा दी थी।


भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का करियर तो विवादों से भरा पड़ा है। पहली बार हरभजन सिंह का नाम साल 2007-08 में एंड्रयू सायमंड्स के साथ झगड़े के बाद उछला था। सायमंड्स ने हरभजन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उसे मंकी कहा है। इस विवाद के बाद अगले कुछ मैचों के लिए हरभजन को निलंबित भी कर दिया गया था। वहीं दूसरा विवाद साल 2008 आईपीएल में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच के दौरान घटा था। जब दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिला रहे थे तो इसी बीच हरभजन ने झन्नाटेदार थप्पड़ श्रीसंत के गाल पर जड़ दिया। इसके बाद मई 2008 में बीसीसीआई की आनुशासनात्मक समिति ने उसी अपराध के लिए उनपर 5 मैचों का बैन लगा दिया था।


टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ मैदान पर अपने आक्रामक रवैये के लिए भी जाने जाते हैं। ऐसे कई मौके आए जब विराट ने विरोधी खिलाड़ियों पर अपना आपा खोया लेकिन हद तो तब पार हो गई जब साल 2011-12 में बॉर्डर- गावस्कर सीरीज के दौरान सीरीज क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए मैच में विराट ने आलोचना करने वाले दर्शकों की ओर ही अपनी बीच की अंगुली दिखाकर भद्दा इशारा कर दिया। कोहली के इस व्यवहार के बाद उनपर भारी जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद कोहली एक भारतीय पत्रकार को गालियां देने के चक्कर में भी विवादों में आ गए थे।


हालांकि बाद में उन्होंने इस मसले पर माफी मांग ली थी। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि अब इस महान खिलाड़ी में काफी बदलाव आ गए हैं और पहले आक्रामक और झगड़ालू से लगने वाले कोहली अब समय के साथ-साथ समझदार और प्रौढ़ होते जा रहे हैं। ऐसे में हम उम्मीद तो यही करेंगे कि आने वाले समय में कोहली के साथ-साथ टीम इंडिया का कोई भी खिलाड़ी मैदान पर अपने गुस्से के लिए न जाना जाए बल्कि उसे उसके खेल के लिए याद किया जाए।