शारीरिक रूप से असक्षम एथलीटों को सक्षम बनाने के लिए लांच हुआ 'इनरियो' एप

भारत की राजधानी दिल्ली में स्मार्टफोन एप लॉन्च के साथ ही रियो पैरालंपिक गेम्स 2016 का जश्न शुरू हो गया. डॉ नजीब जंग, लेफ्टिनेंट गवर्नर दिल्ली ने 'इनरियो' एप लॉन्च किया. इस एप को बनाने का अहम मकसद यह है कि इससे पैरा एथलीटों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आये जो कई तरह की मानसिक,शारीरिक और विकास की चुनौतियों से जूझ रहे हैं. साथ ही उन्हें इस समस्या से पार पाने में मदद मिलेगी। इस एप के पीछे दिल्ली के श्रीराम स्कूल के 11वी कक्षा के छात्र अरहान बागती की परिकल्पना है, जिसे उन्होंने पैराएथलीटो की मदद से बनाया है.


'इनरियो' के विकास के पीछे उद्देश्य यह है कि असक्षम लोग भी अपनी ज़िन्दगी को सही तरीके से जी सकें। रियो पैरालंपिक गेम्स 2016 में हिस्सा लेने वाले पैरा एथलीट के लिए इसमें आवश्यक जानकारियां है, जैसे पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा तैयार किये गए आहार और पौष्टिकता की जानकारियां जिससे खेल के अनुकूल प्रदर्शन किया जा सके. इसके साथ-साथ असक्षम खिलाड़ियों के अनुकूल जिम और कसरत की पूरी सूची , ऐसे ;लोगों की सूची जिन्हें आपात स्थिति में कॉल की जा सके और कई दूसरे अतिरिक्त लाभ इसमें शामिल है।


'इनरियो' एप के विकास में पैरा एथलीटों ने महत्वूर्ण भूमिका निभाई है. एप को इस तरह डिज़ाइन किया गया है जिसमें एक एथलीट की ज़रूरतों का बहुत ही करीब से ध्यान रखा गया है. डॉ. नजीब जंग, लेफ्टिनेंट गवर्नर, दिल्ली ने इस एप को लॉन्च किये जाने को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा " इनरियो एप अरहान द्वारा की गई एक बड़ी पहल है जो भारत में पैरा खेलों के विकास और प्रोत्साहन को प्रेरित करेगा। यह सिर्फ भारतीय पैरा एथलीटों और उनके प्रशंसकों को ही करीब नहीं लाएगा बल्कि उनके हितों की भ रक्षा करेगा।"