टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं हैं रोहित शर्मा, टीम में नहीं बनती जगह

रोहित शर्मा एक ऐसा बल्लेबाज जो नीली जर्सी में जमकर रन बनाते हैं। रोहित सफेद गेंद से बड़े से बड़े गेंदबाजों के पसीने छुटा देते हैं। लेकिन जैसे ही जर्सी का रंग सफेद और गेंद का रंग लाल हो जाता है वैसे ही उनका रंग फीका पड़ जाता है। ऐसा लगने लगता है कि रोहित टेस्ट में सिर्फ टीम में बोझ हैं। हर फैन के मन में ये सवाल उठने लगता है कि रोहित शर्मा को आखिर टेस्ट क्रिकेट में हो क्या जाता है? वनडे, टी20I में रनों का अंबार लगाने वाले रोहित टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिए संघर्ष करते क्यों नजर आते हैं? सवाल ये भी उठता है कि क्या रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं हैं? क्या रोहित को टेस्ट क्रिकेट में टीम में शामिल नहीं किया जाना चाहिए? आइए जानते हैं।

टेस्ट में रोहित का प्रदर्शन: टेस्ट में रोहित शर्मा के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने 25 मैचों की 43 पारियों में महज 39.97 के औसत से 1,479 रन बनाए हैं। इस दौरान रोहित के बल्ले से 3 शतक और 9 अर्धशतक निकले हैं। रोहित का बेस्ट 177 रन रहा है।

हो सकता है कि कुछ लोगों को ये लगे कि टेस्ट क्रिकेट में जिस नंबर पर रोहित बल्लेबाजी करने आते हैं उसके हिसाब से 39 का औसत खराब नहीं है। लेकिन हम आपको बता दें कि ये औसत घर पर अच्छा खेलने की वजह से 39 के ऊपर का है। एक नजर डालते हैं रोहित के घर और बाहर के टेस्ट प्रदर्शन पर।

घर पर रोहित का प्रदर्शन: रोहित शर्मा ने घर पर 9 टेस्ट मैचों की 14 पारियों में 85.44 के औसत से 1,180 रन बनाए हैं। इस दौरान रोहित ने 3 शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं। उनका बेस्ट (177) पर भी घरेलू सरजमीं पर ही आया है। गौर करने वाली बात ये है कि रोहित ने सारे टेस्ट शतक घर पर ही जड़े हैं।

विदेश में रोहित का प्रदर्शन: अब विदेश में रोहित के आंकड़ों पर गौर करें तो विदेशों में रोहित ने 16 मैचों की 29 पारियों में 25.35 के घटिया औसत से 1,502 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 4 अर्धशतक ही जड़े हैं।

आपको ये भी बता दें कि भारत के अलावा दुनिया के किसी भी देश में रोहित का औसत 40 से ज्यादा का नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में रोहित का औसत 28.83, बांग्लादेश में 6, इंग्लैंड में 17, न्यूजीलैंड में 40.66, दक्षिण अफ्रीका में 15.37, श्रीलंका में 33.66 और वेस्टइंडीज में 25 का है।

रोहित शर्मा ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट का आगाज किया था। इस दौरान वो सिर्फ 2013, 2016 और 2017 में 50 के ऊपर के औसत से रन बना पाए हैं और वो ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि इस सभी सालों में उन्होंने या तो भारत में मैच खेले या फिर भारतीय माहौल वाली पिचों पर।

2013 में रोहित का प्रदर्शन: 2013 में रोहित ने 4 मैचों में 66.60 के औसत से 333 रन बनाए। इस दौरान रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता और मुंबई में शतक लगाए लेकिन जैसे ही टीम दक्षिण अफ्रीका रवाना हुई रोहित का बल्ला खामोश हो गया।

2014 में रोहित: 2014 में रोहित ने 5 मैचों में सिर्फ 26.33 के औसत से रन बनाए।

2015 में रोहित: 2015 में भी रोहित का बल्ला खामोश ही रहा और उन्होंने 25.07 के औसत से सिर्फ 326 रन बनाए।

2016 में रोहित: 2016 में भारत ने फिर से घर पर सीरीज खेली और इसका फायदा रोहित ने फिर से उठाया। इस साल रोहित ने घर पर खेलते हुए 5 मैचों में 57.60 के औसत से 288 रन बनाए।

2017 में रोहित: साल 2017 में रोहित ने सिर्फ 2 मैच खेले। लेकिन इन मैचों में रोहित ने जमकर रन बनाए। रोहित ने 2017 में 2 मैचों में 217 के औसत से 217 रन बनाए। ये दोनों ही मैच भारत में खेले गए।

इसके बाद भारत साल 2018 की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई। दक्षिण अफ्रीका में रोहित ने 2 मैचों में 19 के औसत से सिर्फ 78 रन बनाए।

ये आंकड़े इस बात का गवाह हैं कि रोहित शर्मा वाकई टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं हैं। भारत को इस साल ज्यादातर मैच विदेश में खेलने हैं और इस लिहाज से रोहित के लिए टीम में अब जगह बना पाना लगभग नामुमकिन नजर आता है।