धोनी ने वन—डे और टी 20 की कप्तानी छोड़ी

भारत के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने यकायक वन—डे और टी 20 क्रिकेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला लेकर हर किसी को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने बीसीसीआई को अपने इस कदम से अवगत कराते हुए इंगलैंड के खिलाफ वन—डे और टी 20 सीरीज में बतौर खिलाड़ी अपनी उपलब्धता की जानकारी भी दे दी है। गौरतलब है कि धोनी ने 30 दिसंबर, 2014 को यकायक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको हैरान कर दिया था। बहरहाल, टीम इंडिया को 2007 टी 20 विश्व कप, 2011 विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी दिलाने वाले धोनी टीम इंडिया की 199 वन—डे और 72 टी 20 मैचों में कप्तानी की है। वन—डे में उनके नेतृत्व में टीम को 110 मैचों में जीत मिली और 74 मैच में हार का सामना करना पड़ा।चार मुकाबले टाई और 11 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। वहीं 72 टी 20 मैचों में से 41 में टीम को जीत मिली तो 28 में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में अब तक 283 मैचों में 50.89 की बेहतरीन औसत से 9110 रन बनाए हैं जिसमें नाबाद 183 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। जबकि धोनी के नाम 73 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 1112 रन दर्ज हैं।

बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और बीसीसीआई की तरफ से मैं उनका धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने हर फॉर्मेट में कप्तान के तौर पर भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान दिया है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने नई ऊंचाइयां छुईं और उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। जबकि महान हरफनमौला कपिल देव ने धोनी को बहुत सफल कप्तान बताते हुए कहा कि धोनी की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। ये उनका निजी फैसला है और उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिये ये कदम उठाया होगा।