पॉच ऐसे दिग्गज खिलाड़ी जिन्होंने कभी विश्व कप नहीं खेला

विश्व कप में हिस्सा लेना हर क्रिकेटर का सपना होता है। जो खिलाड़ी अपनी टीम के लिए अच्छा खेलता है उसको करियर के दौरान एक न एक बार विश्व कप खेलने का मौका तो मिल ही जाता है। मगर कुछ बद्किस्मत खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो अपने देश के लिए तो काफी खेले लेकिन उन्हें अपने करियर में विश्व कप में खेलने का मौका नहीं मिला। आईए नजर डालते हैं पॉच ऐसे ही दिग्गज खिलाड़ियों पर जिन्होंने कभी विश्व कप नहीं खेला :


वीवीएस लक्ष्मण : इस सूचि में सबसे पहला नाम आता है भारत के बेहद ही प्रतिभाशाली कलात्मक बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का। यूॅ तो इस खिलाड़ी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया लेकिन इनके करियर में षायद एक चीज अधूरी रह गई और वो है विश्व कप में भाग लेना। टेस्ट क्रिकेट में इस बल्लेबाज ने 134 मैचों में शिरकत करते हुए कुल 8781 रन बनाए। वहीं टेस्ट के मुकाबले वनडे क्रिकेट में ये बल्लेबाज वो छाप छोड़ने में कामयाब नहीं रहा जितनी इससे दरकार थी। 86 वनडे खेलते हुए इन्होंने 30.76 की औसत से कुल 2338 रन बनाए। हलांकि उन्होंने वनडे में 6 शतक जड़े लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें कभी विश्व कप टीम में खेलने का मौका नहीं दिया। साल 2003 विश्व कप के पहले ये निश्चित तौर पर लग रहा था कि लक्ष्मण जरूर भारत की विश्व कप टीम का हिस्सा होंगे। लेकिन बाद में उनकी जगह टीम में दिनेश मोंगिया को शामिल कर लिया गया। कहा ये जा सकता है कि शायद उनकी किस्मत में ही विश्व कप खेलना नहीं लिखा था।


जस्टिन लैंगर : ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जस्टिन लैंगर का षुमार अपने समय के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में किया जाता था। अपने 14 साल के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर में लैंगर ने कुल 105 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 45.27 की औसत से 23 शतकों और 30 अर्धशतकों की मदद से 7696 रन बनाए। इसमें कोई दो राय नहीं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा ये काफी शानदार प्रदर्शन है। इन प्रभावित आकड़ों के बावजूद लैंगर को वनडे क्रिकेट में ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला और ये उनकी बद्किस्मती ही रही कि वो बहुत कम वनडे मैच खेले। 8 वनडे मैचों में खेलते हुए उन्होंने 160 रन बनाए और इस दौरान वो कोई अर्धशतक भी नहीं जमा पाए। लैंगर शायद ऑस्ट्रेलिया के स्वर्णकाल के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्हें विश्व कप में खेलने का मौका नहीं मिला। लैंगर ने अपना अंतिम वनडे मैच साल 1997 में खेला था इसके 10 साल बाद लैंगर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।


एलिस्टर कुक : इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक का शुमार आज के समय के बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाजों में होता है। टेस्ट क्रिकेट में इस बल्लेबाज के नाम कई रिकार्ड्स दर्ज है जिसमें सबसे कम उम्र में 10 हजार रन पूरा करना भी शामिल है। अपने करियर के दौरान इन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं लेकिन इसके बावजूद अभी तक इस महान बल्लेबाज ने विश्व कप के दर्षन नहीं किए हैं। कुक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए हुए 10 साल से ज्यादा का समय गुजर चुका है और तब से लेकर अब तक इंग्लैंड तीन विश्व कप में भाग ले चुका है लेकिन इसके बावजूद इन्हें एक में भी खेलने का मौका नहीं दिया गया। बात अगर इनके एकदिवसीय करियर की करें तो वो ठीक-ठाक है। कुल 92 मैचों में 36.40 की औसत से उन्होंने 3204 रन बनाए जिसमें 5 शतक और 19 अर्धशतक शामिल है। इस रिकार्ड के बावजूद ये उनके लिए निराश होने वाली बात है कि उन्हें एक भी विश्व कप खेलने का मौका नहीं मिला।


क्रिस मार्टिन : न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज क्रिस मार्टिन ने अपने देष के लिए 13 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली लेकिन इन 13 सालों में उन्हें विश्व कप खेलने का मौका नहीं मिला। टेस्ट क्रिकेट में अपने देश के लिए सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में वो सिर्फ रिचर्ड हेडली और डेनियल वेटोरी से नीचे रहे। उन्होंने कुल 71 टेस्ट मैचों में 233 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने 5 बार 10 विकेट लेने का कारनामा भी किया। हालांकि, वनडे में वह खास नहीं कर पाए और वह 20 मैचों में 18 विकेट ही ले सके। यही कारण रहा कि उन्हें वनडे मैच खेलने का मौका नहीं मिला। साल 2007 विश्व कप में क्रिस मार्टिन को उस वक्त स्क्वाड में शामिल किया गया था जब डेरेल टफी चोटिल हो गए थे। लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने को नहीं मिला।


मैथ्यू होगार्ड : इस सूचि में अगला नाम आता है इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मैथ्यू होगार्ड का। अपने देश की तरफ से खेलते हुए होगार्ड ने अपने 8 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 67 टेस्ट में कुल 248 विकेट चटकाए। बात अगर उनके वनडे करियर की करें तो वो टेस्ट के मुकाबले उतना प्रभावित नहीं रहा। 26 वनडे में उन्होंने कुल 32 विकेट हासिल किए। आपको बता दें होगार्ड को 2003 विश्व कप में इंग्लैंड टीम की ओर से शामिल किया गया था लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया और उन्होंने साल 2006 में वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया।