पदार्पणी टेस्ट सीरीज में मैन आॅफ द सीरीज

सौरव गांगुली

भारतीय खब्बू बल्लेबाज सौरव गांगुली ने जून, 1996 में इंगलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। इस सीरीज के पहले ही मैच में 131 रन की पारी खेलकर वे पदार्पणी मैच में शतक ठोकने वाले भारत के चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार हुए थे। इस सीरीज के तीन मैचों में 105 की औसत 315 रन दो शतक (131 और 136) की मदद से बनाये थे। सौरव को बेहतरीन प्रदर्शन के लिये मैन आॅफ द सीरीज चुना गया था।

जैक्स रूडोल्फ

दक्षिण अफ्रीका के जैक्स रूडोल्फ भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी पदार्पणी टेस्ट सीरीज में मैन आॅफ द सीरीज का अवार्ड हासिल किया। उन्होंने बंगलादेश के खिलाफ चटगांव में अप्रैल,2003 में अपने पहले की मैच में अविजित 222 रन की पारी खेली थी जोकि अफ्रीका की तरफ से पदार्पणी मैच में तीसरा सर्वोच्च् निजी स्कोर है। जबकि दूसरे मैच में उन्होंने 71 रन की पारी खेली थी। रूडोल्फ ने 2—0 की सीरीज जीत में 293 की औसत से 293 रन बनाये थे और उन्हें मैन आॅफ द सीरीज चुना गया था।

स्टुअर्ट क्लार्क

कंगारू पेसर स्टुअर्ट क्लार्क भी पदार्पणी सीरीज में मैन आॅफ द सीरीज अवार्ड हासिल करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने मार्च, 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की डेब्यू सीरीज में 15.85 की औसत से 20 विकेट लेकर ये गौरव हासिल किया था। उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/55 था तो मैच में 9/89 था।

अजंथा मेंडिस

श्रीलंकाई स्पिनर अजंथा मेंडिस ने जब टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया जब उनका विरोधी टीमों पर जबर्दस्त खौफ हुआ करता था। जुलाई—अगस्त, 2008 में भारतीय टीम ने श्रीलंकाई दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जोकि मेंडिस की पदार्पणी सीरीज थी। इस सीरीज में उन्होंने 18.38 की औसत से 26 विकेट निकालकर तहलका मचा दिया था। ये मैन आॅफ द सीरीज मेंडिस का ही ​करिश्मा था कि वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और अनिल कुंबले जैसे बड़े नामों वाली टीम इंडिया को 2—1 की हार झेलनी पड़ी थी।

आर अश्विन

साल 2011 में भारतीय आॅफ स्पिनर आर अश्विन को टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने का मौका मिला था। उन्होंने मेहमान वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 22.90 की औसत से 22 विकेट लेने के साथ साथ 40.33 की औसत से एक शतक (103 )समेत 121 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। वह सीरीज के पहले और तीसरे मैच में मैन आॅफ द मैच बनने के अलावा मैन आॅफ द सीरीज भी चुने गये थे।

वर्नान फिलैंडर

बात नवंबर, 2011 की है जब कंगारू टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिये दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी। इस सीरीज में हरफनमौला फिलैंडर को टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने का अवसर दिया गया था। केपटाउन में खेले गये पहले मैच में 3/63 और 5/15 के प्रदर्शन के लिये उन्हें मैन आॅफ द मैच चुना गया तो दूसरे मैच में उन्होंने 1/47 और 5/70 का प्रदर्शन किया था। 1—1 से बराबर रही इस सीरीज में फिलैंडर ने 13.92 की औसत से 14 विकेट लेकर मैन आॅफ द सीरीज का अवार्ड हासिल किया था।

जेम्स पैटिंसन

आॅस्ट्रेलिया के युवा पेसर जेम्स पैटिंसन को भी पदार्पणी सीरीज में मैन आॅफ द सीरीज खिताब जीतने का गौरव हासिल है। उन्होंने दिसंबर, 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दो मैचों में 14 की औसत से 14 विकेट लेकर ये कारनामा अंजाम दिया था। 1—1 से बराबर रही इस सीरीज के पहले टेस्ट में पैटिंसन ने मैन आॅफ द मैच का अवार्ड भी हासिल किया था।

रोहित शर्मा

बेशक 21 टेस्ट खेलने वाले रोहित शर्मा आज भी टेस्ट टीम में स्थायी जगह नहीं बना पाये हों लेकिन उन्होंने अपनी डेब्यू सीरीज में जबर्दस्त धमाल किया था। नवंबर, 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने कोलकाता में 177 और मुंबई में अविजित 111 रन की पारी खेली थी। इस सीरीज में उन्होंने 288 की अविश्वसनीय औसत से 288 रन ठोके थे। विंडीज पर 2—0 की जीत के लिये उन्हें मैन आॅफ द सीरीज चुना गया था। यह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की आखिरी सीरीज थी।

मेहदी हसन मिराज

इन दिनों बंगलादेश के युवा स्पिनर मेहदी हसन खासी सुर्खियों में हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी टीम को इं​गलैंड के खिलाफ ना सिर्फ एक टेस्ट विजय दिलाई बल्कि दो मैचों की सीरीज में वो सर्वाधिक विकेट लेने वाले बंगलादेशी गेदबाज भी बन गये हैं। हसन ने पहले मैच में 6/80 व 1/58 और दूसरे मैच में 6/82 व 6/77 का दमदार प्रदर्शन किया। यह हसन का ही जलवा था कि बंगलादेश 1—0 से पिछड़ने के बाद सीरीज को 1—1 से बराबर कराने में सफल रही। यह बंगलादेश की इंगलैंड के खिलाफ अब तक खेले दस टेस्ट में पहली जीत भी है। उन्होंने सीरीज में 15.63 की औसत से 19 विकेट चटखाकर मैन आॅफ द सीरीज का अवार्ड हासिल किया है।